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 HELLO DOSTO NAMASKAR 







सम्मानित साथियों नमस्कार !  अगर मैं संगठन की बात करूँ तो संगठन में एकता का होना परम आवश्यक है बिना एकता के संगठन की परिकल्पना अधूरी है l साथियों अपने मधुमक्खियों का छत्ता अवश्य देखा होगा उसकी एक विशेषता होती है अनेकों मधुमक्खियाँ एकता के अटूट सूत्र में बंधी होती है संगठित होती है तभी हर कोई एक नन्हे से जीव मधुमक्खी को छेड़ने से डरता है और दस बार सोंचता है और सभी मधुमक्खियों के संगठित रहने का परिणाम आप जानते ही है कितना मीठा शहद होता है, ठीक इसी प्रकार अगर अगर संगठन में शहद जैसा मीठा सुखद परिणाम चाहिए तो हमें मधुमक्खियों से सीखना चाहिए और हमें संगठन में आपस में मधुमक्खियों कि भांति एकता के अटूट सूत्र में बंध कर संगठित रहना चाहिए l 

अतः सारांस में हम कह सकते है कि "यदि शहद जैसा मीठा परिणाम चाहिए तो हमें मधुमक्खियों कि तरह एकत्रित और संगठित रहना बेहद जरूरी है फिर चाहे दोस्ती हो या परिवार या फिर संगठन " !

                                                                                                             ................मेरे अपने स्वयं के विचार 

श्री गयाप्रसाद निषाद जी उर्फ़ जीपी भइया 
जिलाध्यक्ष पंचायत सहायक संगठन बाँदा 

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